2 मिनट में जाने शिक्षक के लिए टेबलेट वाली झारखण्ड ज्ञानोदय योजना टेबलेट का पूरा ख़ाका

शिक्षक ज्ञानोदय टेबलेट योजना की शुरुआत झारखण्ड में शिक्षको की सुविधा हेतु की गई और उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाने हेतु राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत टेबलेट्स बांटे जाने का निर्णय लिया गया. पन्नाफट्टा स्टेडियम में इस योजना का ऐलान किया गया था और शिक्षा विभाग के पर्यवेक्षण दल द्वारा इसकी देखरेख की गई थी.

शिक्षक ज्ञानोदय योजना टेबलेट की मुख्य बाते

चलिए एक नजर देख लेते हैं कि इस योजना का लक्ष्य और इसके टारगेट के बारे में तमाम प्रकार के तथ्य

माना जा रहा था कि सरकार साडी योजनाये विद्यार्थियों के लिए बना दे फिर भी पढ़ना तो बच्चो को अपने गुरुजनों से ही पड़ेगा और सुचन प्रोद्योगिकी के एक युग में भला शिक्षको को ऐसे मूलभूत सुविधाए दी जाये तो शिक्षा जगत में क्रांति आ सकती है. इसकी सहायता से इन्टरनेट से जुड़ गुरुजन शिक्षण सामग्री डाउनलोड करके बच्चो को और अच्छी शिक्षा दे पाएंगे..

यदि शिक्षक तमाम प्रकार की किताबो का बोझा धोने की बजाये सारे नोट्स पीडीऍफ़ और वर्ड डॉक्यूमेंट की फॉर्म में अपने पास रखेंगे तो उनका भी कार्य आसान हो सकेगा. साथ ही छात्रों को नवीनतम जानकारी उपलब्ध करवा पाएंगे.

छात्रों की प्रोग्रेस रिपोर्ट और उपस्थिति भी इस टेबलेट में किसी एंड्राइड एप्प के मध्यम से करके उसे भी क्लाउड पर स्टोर कर सकते हैं. जिससे उपस्थिति रजिस्टर का बोझ भी धोना नहीं पड़ेगा. और हरित क्रांति के तहत कागज का उपयोग भी कम होगा.

इस नई योजना के तहत यह निश्चित है कि राज्य सरकार का उद्देश्य छात्रों को दिए जाने वाले शिक्षण मानक की स्थिति और गुणवत्ता में सुधार करना है । और वही साथ ही इ लर्निंग के कांसेप्ट से छात्रों को लाभान्वित भी करना है. इस से समूचे राज्य में डिजिटल शिक्षा सुचारू रूप से हो सकेगी.

ज्ञानोदय योजना की पात्रता

नई योजना के तहत यह राज्य के सरकारी स्वामित्व वाले स्कूलों के चयनित शिक्षकों को इसका लाभ दिया जाएगा। और योजना के लिए पात्र शिक्षक का चयन करके राजकीय विद्यालय में से किसी एक और झारखंड राज्य के निवासी के पास नियोजित होना होगा।
टैबलेट स्पेसिफिकेशन/फीचर्स

टैबलेट पीसी की पेशकश हाथ आयोजित डिवाइस इस तरह है कि शिक्षकों को कक्षा में अपने साथ ले जा सकते है और टैबलेट पीसी को इंटरनेट कनेक्शन सुविधा और अन्य अनुप्रयोगों के साथ प्रदान किया जाएगा जो शिक्षक छात्रों के लिए ई-लर्निंग कार्यक्रमों की पेशकश के लिए उपयोग कर सकते हैं।


शिक्षकों को ऐसे एप्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल छात्रों के रिकॉर्ड को बनाए रखने के लिए किया जा सकता है जिसमें परफॉर्मेंस और क्लास की मौजूदगी शामिल है । यूपी और गुजरात राज्य द्वारा भी कॉलेज के छात्रों के लिए नमो टैबलेट योजना चलायी जा चुकी

ज्ञानोदय योजना हेतु सरकारी बजट आवंटन

यह निश्चित है कि सीएम और उनके मंत्रियों के मंत्रिमंडल ने पहले ही 63 करोड़ रुपये के निर्धारित बजट की घोषणा कर दी है जिसका उपयोग योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए किया जाएगा। यह लाभ पूरे झारखंड में 40,000 से अधिक सरकारी स्वामित्व वाले स्कूलों से चयनित शिक्षकों के लिए प्रदान किया जाएगा।

झारखंड सरकार शैक्षणिक क्षेत्र को आधुनिक बनाने का प्रयास कर रही है। झारखंड के सीएम ने मार्च 2018 से ज्ञानोदय योजना शुरू की है। यह योजना राज्य संचालित शैक्षिक संस्थानों में चयनित शिक्षकों के समूह को एचपी टैबलेट प्रदान करती है। राज्य का लक्ष्य 41000 teblets का वितरण करना है ।

अंत में विशेष

शिक्षक इन गैजेट्स के साथ अपने प्रशासनिक कार्यों का ध्यान रख सकेंगे। मार्च में राज्य सरकार ने मास्टर ट्रेनर्स के लिए ट्रेनिंग सेंटर्स का आयोजन किया था । इसके बाद ये व्यक्ति स्कूल के शिक्षकों को पढ़ाएंगे। इस योजना के साथ ही सीएम ने ई-विद्या वाहिनी का भी शुभारंभ किया। ये दोनों परियोजनाएं एक साथ में काम करेंगी ताकि संबंधित विभागों को शिक्षक उपस्थिति, स्कूलों में दोपहर के भोजन और अन्य शैक्षिक परियोजनाओं के बारे में प्रासंगिक जानकारी प्रदान की जा सके ।

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