Know More About Biju Atma Nijukti Yojana

ओडिशा सरकार ने अपने राज्य की प्रजाजन को समृद्ध करने हेतु एक स्वरोजगार योजना पारित करने के लक्ष्य से उनके काम धंधे के लिए ऋण और सब्सिडी देना सुनिश्चित किया. इसके लिए भूतपूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक की प्रेरणा लेकर उन्ही के नाम पर यह योजना जिसे हम बीजू आत्म नियुक्ति योजना Biju Atma Nijukti Yojana के नाम से शुरू की थी।

ओड़िसा सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को लोगो को स्वरोजगार देने की नियत से बीजू पटनायक के नाम से लांच किया गया था जिसका प्रारूप पंचानन दश द्वारा बना कर घोषित किया गया. उनके कहे अनुसार करीब 1 लाख नौकरियों के पैदा करने का लक्ष्य सामने रक् कर ही इस योजना को प्रतिपादित किया गया.

इस योजना का प्रारूप बना कर इसको वित्तीय विभाग की सहमती लेने हेतु भेज दिया गया था. इस योजना के तहत माइक्रो स्माल और सरकारी विभागों को अपनी जरुरत का करीब करीब 20 % सामान मीडियम एंटरप्राइजेज MSME से अनिवार्य रूप से खरीदने जैसी नीति बनाएगी जिससे vocal for local को बढ़ावा दिया जायेगा.

ऐसा करने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार के मानको को अपनाने का लक्ष्य रखा और उन्ही कि नीतियों को प्रतिपादित किया. जिसमे प्रदेश में चल रही समस्त केन्द्रीय सरकार की सारी सार्वजानिक उपक्रम को निर्देशित कर अपनी वार्षिक जरुरत और रोजमर्रा के आवश्यक सामानों में से 20% सामानों को MSME से खरीदने का निर्णय लिया.

इसमें भी SC ST के निचले तबके को बढ़ावा देने के लिए इनके स्वामित्व वाले उपक्रमों से खरीद के लिए 4 % रिजर्व रखा. यह एक उप लक्ष्य था. जिससे उनका जीवन स्टार भी थोडा ऊपर उठे और बाबा भीम राव आंबेडकर साहेब का सपना सच हो सके.

न्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) समुदायों के उद्यमियों के स्वामित्व वाले एसएमई से खरीद के लिए चार प्रतिशत का उप-लक्ष्य होगा ।

पंचानन दश ने दो-तीन महीने के भीतर खरीद नीति लागु करने का कठिन मगर वाजिब और संभव लक्ष्य रखा। इसे वित्तीय विभाग कि अनुशंषा मिलने के बाद इसे कैबिनेट के सामने रखने की बात भी बताई.

सूत्रों का कहना है कि इस नीति को वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार है और मंजूरी के बाद इसे कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।

योजना में युवाओ को क्या मिलेगा?

बैंक द्वारा कम ब्याज और आसनी से चुकाए जाने वाले ऋण
सरकार जिन्होंने अपनी मैट्रिक पूरी नहीं की है वैसे कम पढ़े लिखे युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण ट्रेनिंग

योजना की पात्रता

बेरोजगार युवाओं की सालाना पारिवारिक आय शहरी के लिए डेढ़ लाख रुपये से अधिक और
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक लाख रुपये बैंक ऋण के लिए पात्र नहीं होनी चाहिए।
लाभार्थी की आयु 18-40 वर्ष के बीच
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, शारीरिक रूप से अक्षम, अल्पसंख्यक समुदाय, पूर्व सैनिकों और महिलाओं के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट

अधिकतम परियोजना लागत

विनिर्माण क्षेत्र के लिए 5 लाख रुपये से अधिक नहीं
सेवा क्षेत्र के लिए अ 2 लाख रुपये से अधिक नहीं

परियोजना की लागत न्यूनतम अंशदान का प्रतिशत

  • सामान्य श्रेणी के लाभार्थी लागत का कम से कम 20 प्रतिशत योगदान देना होगा
  • आरक्षित वर्ग के लिए लागत का कम से कम राशि 10 प्रतिशत देनी होगी।

मार्जिन मनी सहायता

  • सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के लिए 30 प्रतिशत
  • आरक्षित वर्गों के लोगों के लिए यह 40 प्रतिशत

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