प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत आर्थिक पैकेज के रूप में २० लाख करोड़ रुपये की घोषणा

आत्मनिर्भर भारत क्या है ?
यह एक आर्थिक पैकेज है जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना काल (२०१९-२०२०) में भारत की गिरती हुई अर्थव्यवस्था को बल देने के लिए इसका ऐलान १२ माय २०२० को देश के नाम पर संबोधन के दौरान किया. इसके 5 मूलभूत अवयव या यूँ समजिये कि यह 5 पिल्लर पर टिका रहेगा जिनमे

  1. Economy
  2. Infrastructure
  3. System
  4. Demography
  5. Demand

इस आर्थिक पैकेज द्वारा देश की गिरती अर्थव्यवस्था को संबल देने के लिए मजदूर किसानो और मध्यम वर्गीय लोगो के विकास पर जोर दिया जायेगा.

कोरोना काल एक बड़े संकट का समय है जिसका सामना करते हुए, हम देशवासियों को नए संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा जिसके अलावा और कोई चारा भी नहीं है.

12 मई २०२० को राष्ट्र के नाम पर सम्बोधन के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ने एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है . आत्मनिर्भर भारत नाम का यह आर्थिक पैकेज, देश को २१ वी सदी में नए ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ दुनिया में सबसे आगे ले जाने की अहम कड़ी के तौर पर प्रयोग में लाया जायेगा .

कुछ समय पूर्व भी RBI और अन्य लाभों के अतिरिक्त सरकार ने जो कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणाएं की थीं, जैसे कि रिजर्व बैंक के फैसले थे, परंतु कल जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान हुआ था , उसे जोड़ कर देखा जाये तो ये तकरीबन 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज हो जाता है. आत्मर्निर्भर पैकेज भारत की सकल अनुमानित GDP का 10 प्रतिशत है.

देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा. 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज, 2020 में देश की विकास यात्रा को, आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा. आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए, इस पैकेज में Land, Labour, Liquidity और Laws, सभी पर बल दिया गया है.

पीएम ने कहा कि ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है. ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन रात परिश्रम कर रहा है.

ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है. ये आर्थिक पैकेज भारतीय उद्योग जगत के लिए है जो भारत के आर्थिक सामर्थ्य को बुलंदी देने के लिए संकल्पित हैं. कल से शुरू करके, आने वाले कुछ दिनों तक, वित्त मंत्री जी द्वारा आपको ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ से प्रेरित इस आर्थिक पैकेज की विस्तार से जानकारी दी जाएगी.

Bold Reforms के द्वारा सभी तरह के घरेलु उत्पादों के निर्माण को देश में ही बनाया जाना सुनिश्चित किया जायेगा और साथ ही देश को आत्म निर्भर बनाने कि कवायद शुरू की जाएगी. प्रधानमंत्री श्री मोदी ने एक उदहारण देते हुए बताया कि कोरोना के आने से पहले हमारे देश में PPE किट और N95 मास्क बनते ही नहीं थे और अब रोजाना प्रति दिन २ लाख से ज्यादा किट और मास्क का निर्माण भारत में बनना शुरू हो गया.

इस प्रकार हम आत्मनिर्भर भी बने और यहाँ देशवाशियों कि गाढ़ी कमाई को विदेशी अपनी जेबें और गल्ले भरने से रोका जायेगा.

ये रिफॉर्मस खेती से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन में होंगे, ताकि किसान भी सशक्त हो और भविष्य में कोरोना जैसे किसी दूसरे संकट में कृषि पर कम से कम असर हो.

आर्थिक पैकेज में अनेक प्रावधान किए जायेंगे हैं और आने वाले दिनों में इसकी डिटेल्स और आत्मर्निर्भर भारत का ड्राफ्ट निर्मला सीतारमण द्वारा जनता के सामने पेश किया जायेगा . इससे हमारे सभी सेक्टर्स की Efficiency बढ़ेगी और Quality भी सुनिश्चित होगी.

 भारतवासी को अपने लोकल के लिए वोकल Vocal for Local बनना है, न सिर्फ लोकल Products खरीदने को प्राथमिकता देना हैं, लोकल प्रोडक्ट्स का गर्व से प्रचार भी करना है. जैसा कि मोदी जी ने पूर्व में खादी हेतु किया था.

इसी के साथ लॉकडाउन ४ को नए रंग रूप में पेश करने की भी घोषणा की जिसके अन्तरगत काफी छूट और नए नियमो के साथ रेड जोन ग्रीन जोन और ऑरेंज जोंस कि नयी परिभाषा रची जा सकती है. अंत में फिर से मोदी जी ने देशवासियों को मास्क पहनने और दो गज की दूरी का पालन करने की सलाह दी और अपने और अपने परिवार जनो के स्वस्थ्य की उज्जवल कामना के साथ अपना संबोधन समाप्त किया.

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